22-24 फरवरी को मौसम में बड़ा बदलाव: इन राज्यों में बारिश और गरज-चमक का अलर्ट

By Ramjilal Varma

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23-25 फरवरी बारिश अलर्ट
23-25 फरवरी बारिश अलर्ट

22-24 फरवरी इन राज्यों में बारिश का अलर्ट: जानें ताजा मौसम अपडेट और संभावित प्रभाव

फरवरी के अंतिम सप्ताह में देश के मौसम में एक बार फिर महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग और निजी एजेंसियों के ताजा पूर्वानुमानों के अनुसार 22 से 24 फरवरी के बीच पूर्वी और मध्य भारत के कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। खासतौर पर बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में मेघ गर्जना के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई जा रही है। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि यह बदलाव क्यों हो रहा है, किन राज्यों पर इसका असर पड़ेगा, उत्तर और पश्चिम भारत में मौसम का क्या हाल रहेगा, किसानों और आम लोगों पर इसका क्या प्रभाव पड़ सकता है और आने वाले दिनों के लिए क्या सावधानियां जरूरी हैं।

देश में मौसम परिवर्तन की वजह क्या है?

भारत में मौसम का स्वरूप अक्सर पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवाती परिसंचरण और समुद्री नमी के प्रभाव से बदलता रहता है। वर्तमान में एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत से आगे निकल चुका है, जिसके बाद उत्तर और पश्चिमी क्षेत्रों में मौसम शुष्क होने लगा है। वहीं दूसरी ओर बंगाल की खाड़ी से नमी युक्त हवाएं पूर्वी और मध्य भारत की ओर बढ़ रही हैं। जब ये नम हवाएं उत्तर-पश्चिम से आने वाली शुष्क हवाओं से टकराती हैं तो वायुमंडल में अस्थिरता बढ़ती है, जिससे बादल बनते हैं और बारिश की स्थिति तैयार होती है।

यही कारण है कि 23 और 24 फरवरी को पूर्वी भारत के राज्यों में मेघ गर्जना और आंधी के साथ वर्षा होने के संकेत मिल रहे हैं। यह प्रणाली बहुत अधिक तीव्र नहीं मानी जा रही, लेकिन स्थानीय स्तर पर मौसम में बदलाव अवश्य दर्ज किया जाएगा।

किन राज्यों में होगी बारिश?

मौसम पूर्वानुमान के अनुसार 22 से 24 फरवरी के बीच बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। ग्रामीण और कृषि प्रधान इलाकों में इसका असर अधिक दिखाई दे सकता है।

22-24 फरवरी बारिश अलर्ट
22-24 फरवरी को मौसम में बड़ा बदलाव

बिहार और झारखंड में बादल छाने के साथ कुछ जिलों में छिटपुट बारिश हो सकती है। ओडिशा के तटीय और आंतरिक क्षेत्रों में भी बादल बढ़ने की संभावना है। छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में दोपहर बाद मौसम बदल सकता है और हल्की वर्षा दर्ज की जा सकती है। हालांकि व्यापक और भारी वर्षा के संकेत फिलहाल नहीं हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर मौसम अचानक बदल सकता है।

उत्तर और पश्चिम भारत में कैसा रहेगा मौसम?

उत्तर और पश्चिम भारत में फिलहाल बारिश की संभावना कम है। दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में सर्दी लगभग विदा ले चुकी है और दिन के तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। आसमान साफ रहने और तेज धूप निकलने के कारण दिन में गर्मी का एहसास होने लगा है।

सुबह और रात के समय हल्की ठंडक बनी रह सकती है, क्योंकि उत्तर-पश्चिमी हवाएं चल रही हैं। पहाड़ी राज्यों में 22 फरवरी को एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिल सकता है, लेकिन यह प्रभाव मुख्य रूप से ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों तक सीमित रहेगा। मैदानी इलाकों में इसका खास असर नहीं पड़ेगा।

राजस्थान और गुजरात जैसे राज्यों में तापमान बढ़ने से रबी फसलों पर पाले का खतरा लगभग समाप्त हो गया है, जिससे किसानों को राहत मिली है।

बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाओं का प्रभाव

बंगाल की खाड़ी भारत के पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों के मौसम को प्रभावित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जब समुद्र से नमी युक्त हवाएं उत्तर और मध्य भारत की ओर बढ़ती हैं तो वे वातावरण में नमी बढ़ाती हैं। यदि उस समय ऊपरी स्तर पर ठंडी या शुष्क हवाएं मौजूद हों, तो बादल बनने और वर्षा की स्थिति तैयार हो जाती है।

फरवरी के अंतिम सप्ताह में इसी प्रकार की स्थिति बन रही है। नम और शुष्क हवाओं के मिलन से अस्थिरता बढ़ेगी, जिससे बादल गरजने और हल्की बारिश की संभावना है। यह बदलाव अस्थायी माना जा रहा है, लेकिन इसका असर स्थानीय स्तर पर तापमान और आर्द्रता पर पड़ेगा।

तापमान में संभावित बदलाव

पूर्वी और मध्य भारत में जहां बारिश होगी, वहां दिन के तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की जा सकती है। बादल छाए रहने और वर्षा होने से अधिकतम तापमान सामान्य से 2 से 3 डिग्री तक कम हो सकता है। वहीं रात के तापमान में हल्की बढ़ोतरी संभव है क्योंकि बादल धरती की ऊष्मा को रोकते हैं।

उत्तर और पश्चिम भारत में इसके विपरीत दिन का तापमान धीरे-धीरे बढ़ेगा। साफ आसमान और तेज धूप के कारण अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर जा सकता है। हालांकि रात में हल्की ठंड बनी रहेगी।

किसानों के लिए क्या है इसका मतलब?

कृषि क्षेत्र के लिए फरवरी का महीना बेहद महत्वपूर्ण होता है क्योंकि इस समय रबी फसलें पकने की ओर बढ़ती हैं। हल्की बारिश फसलों के लिए फायदेमंद हो सकती है, विशेषकर उन इलाकों में जहां सिंचाई की कमी है। लेकिन यदि वर्षा के साथ तेज हवा या ओलावृष्टि होती है तो फसलों को नुकसान भी हो सकता है।

बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ में गेहूं, चना और सरसों जैसी फसलों की खेती होती है। हल्की वर्षा से मिट्टी में नमी बढ़ेगी, जिससे फसलों को लाभ मिल सकता है। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे मौसम अपडेट पर नजर रखें और कटाई या दवा छिड़काव जैसे कार्य मौसम साफ रहने पर ही करें।

राजस्थान और गुजरात में बढ़ते तापमान से फसलों को फिलहाल राहत है क्योंकि पाले की संभावना खत्म हो चुकी है।

आम लोगों के लिए जरूरी सावधानियां

बारिश और गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों पर अधिक समय तक खड़े रहने से बचना चाहिए। यदि आकाश में बिजली चमक रही हो तो पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचें। यात्रा के दौरान मौसम की जानकारी पहले से प्राप्त कर लें।

जहां दिन का तापमान बढ़ रहा है, वहां दोपहर के समय धूप से बचाव करना जरूरी है। हल्के और सूती कपड़े पहनें तथा पर्याप्त पानी पीते रहें। सुबह और शाम के समय हल्की ठंडक को ध्यान में रखते हुए हल्का गर्म कपड़ा साथ रखना उपयोगी हो सकता है।

क्या यह बदलाव लंबे समय तक रहेगा?

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह वर्षा प्रणाली अधिक लंबी अवधि तक सक्रिय नहीं रहेगी। 24 फरवरी के बाद पूर्वी और मध्य भारत में भी मौसम धीरे-धीरे सामान्य हो सकता है। हालांकि मार्च की शुरुआत में एक बार फिर नए पश्चिमी विक्षोभ या स्थानीय प्रणाली के सक्रिय होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।

फरवरी के अंतिम दिनों में मौसम का यह उतार-चढ़ाव सामान्य माना जाता है। सर्दी के अंत और गर्मी की शुरुआत के बीच इस तरह के बदलाव अक्सर देखने को मिलते हैं।

निष्कर्ष

22 से 24 फरवरी के बीच पूर्वी और मध्य भारत के कई राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है, जबकि उत्तर और पश्चिम भारत में मौसम शुष्क और गर्म बना रहेगा। बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाओं और उत्तर-पश्चिम की शुष्क हवाओं के मिलन से यह बदलाव देखने को मिल रहा है। किसानों और आम लोगों को मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखते हुए अपनी दिनचर्या और कृषि कार्यों की योजना बनानी चाहिए।

मौसम में यह परिवर्तन अस्थायी है, लेकिन स्थानीय स्तर पर इसका असर महसूस किया जाएगा। आने वाले दिनों में तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी के साथ सर्दी पूरी तरह विदा ले सकती है और गर्मी की दस्तक साफ दिखाई देने लगेगी।

Ramjilal Varma

मैं All5gMobiles.com का founder हूँ। इस साइट पर latest smartphone news और reviews सरल हिंदी भाषा में मिलते हैं।

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