23-25 फरवरी को देश के मौसम में बड़ा बदलाव: इन राज्यों में बारिश, जानें विस्तृत विश्लेषण
फरवरी का अंतिम सप्ताह देश के मौसम में एक अहम मोड़ लेकर आ रहा है। सर्दी की विदाई और गर्मी की दस्तक के बीच 23 से 25 फरवरी के दौरान कई राज्यों में मौसम का मिजाज बदलने के संकेत मिल रहे हैं। पूर्वी और मध्य भारत के हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं, जबकि उत्तर और पश्चिम भारत में शुष्क और अपेक्षाकृत गर्म मौसम बना रहेगा। यह परिवर्तन भले ही मौसमी चक्र का सामान्य हिस्सा हो, लेकिन स्थानीय स्तर पर इसका प्रभाव स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। खासकर बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना जताई जा रही है।
इस अवधि में मौसम का स्वरूप क्षेत्रवार अलग-अलग रहेगा। जहां कुछ राज्यों में बादल छाए रहेंगे और बौछारें पड़ सकती हैं, वहीं कई इलाकों में दिन का तापमान बढ़ता हुआ महसूस होगा। इसलिए आने वाले तीन दिन मौसम के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
मौसम परिवर्तन की वैज्ञानिक वजह
भारत में फरवरी का महीना संक्रमण काल होता है, जब सर्दी कमजोर पड़ने लगती है और गर्मी धीरे-धीरे प्रभाव दिखाने लगती है। वर्तमान परिस्थिति में एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत से आगे बढ़ चुका है। पश्चिमी विक्षोभ सामान्यतः उत्तर-पश्चिम भारत में वर्षा और बर्फबारी का कारण बनते हैं, लेकिन इसके आगे निकल जाने के बाद पीछे शुष्क वायुमंडलीय परिस्थितियां बन जाती हैं। यही कारण है कि उत्तर और पश्चिम भारत में आसमान साफ और मौसम शुष्क हो रहा है।
दूसरी ओर, बंगाल की खाड़ी से नमी युक्त हवाएं पूर्वी और मध्य भारत की ओर बढ़ रही हैं। जब समुद्री नमी से भरी गर्म हवाएं ऊपरी स्तर पर मौजूद अपेक्षाकृत ठंडी या शुष्क हवाओं से टकराती हैं, तो वायुमंडल में अस्थिरता उत्पन्न होती है। इस अस्थिरता के कारण बादल बनते हैं और कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ वर्षा की स्थिति तैयार होती है। यही प्रणाली 23 से 25 फरवरी के बीच सक्रिय रहने की संभावना है।
वायुमंडलीय दबाव में बदलाव, नमी की मात्रा और स्थानीय तापमान का अंतर मिलकर इस मौसमी गतिविधि को प्रभावित कर रहे हैं। हालांकि यह कोई अत्यधिक शक्तिशाली प्रणाली नहीं है, फिर भी स्थानीय स्तर पर मौसम में बदलाव स्पष्ट रूप से महसूस किया जा सकता है।
किन राज्यों में ज्यादा असर देखने को मिलेगा?

बिहार
बिहार के उत्तरी और मध्य जिलों में बादल छाए रहने की संभावना है। 23 और 24 फरवरी को कुछ इलाकों में हल्की वर्षा या बौछारें पड़ सकती हैं। गरज-चमक की स्थिति भी बन सकती है, इसलिए खुले स्थानों पर सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी। तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे दिन का मौसम अपेक्षाकृत सुहावना हो सकता है।
झारखंड
झारखंड के कई हिस्सों में दोपहर बाद मौसम बदल सकता है। आंशिक बादल छाने और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना है। यहां भी तापमान में 2 से 3 डिग्री तक की कमी दर्ज की जा सकती है। ग्रामीण और वन क्षेत्रों में बिजली कड़कने की स्थिति में विशेष सावधानी जरूरी है।
ओडिशा
ओडिशा के तटीय और आंतरिक दोनों क्षेत्रों में नमी बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। बादलों की आवाजाही बढ़ेगी और कुछ जिलों में हल्की वर्षा संभव है। तटीय इलाकों में आर्द्रता बढ़ने से उमस महसूस हो सकती है, जबकि बारिश होने पर मौसम में ठंडक आ सकती है।
छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ में स्थानीय स्तर पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। हालांकि व्यापक और भारी वर्षा की संभावना कम है, लेकिन कुछ जिलों में अचानक मौसम बदल सकता है। किसानों और ग्रामीणों को मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।
तेलंगाना
तेलंगाना के कुछ हिस्सों में दोपहर या शाम के समय हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए खुले मैदानों और ऊंचे स्थानों से दूरी बनाकर रखना बेहतर होगा।
क्या भारी बारिश की संभावना है?
मौजूदा संकेतों के अनुसार भारी या अत्यधिक वर्षा की संभावना नहीं है। अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा ही दर्ज की जा सकती है। फिर भी गरज-चमक के दौरान अचानक तेज हवा चल सकती है, जिससे स्थानीय स्तर पर असुविधा हो सकती है। मौसम का यह बदलाव अस्थायी माना जा रहा है।

तापमान पर संभावित प्रभाव
जहां वर्षा होगी, वहां अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट हो सकती है। बादल छाए रहने से दिन का तापमान सामान्य से कम रह सकता है। वहीं रात के तापमान में हल्की बढ़ोतरी संभव है क्योंकि बादल धरती की ऊष्मा को रोकते हैं।
इसके विपरीत उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान बढ़ने का क्रम जारी रहेगा। साफ आसमान और तेज धूप के कारण दिन का तापमान सामान्य से ऊपर जा सकता है। हालांकि सुबह और देर रात हल्की ठंडक बनी रह सकती है।
उत्तर और पश्चिम भारत की स्थिति
दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात में मौसम शुष्क बना रहेगा। सर्दी लगभग समाप्त मानी जा सकती है और दिन में गर्मी का एहसास बढ़ रहा है। दोपहर के समय तेज धूप निकलने से तापमान में वृद्धि दर्ज की जा रही है।
राजस्थान और गुजरात जैसे राज्यों में रबी फसलों के लिए पाले का खतरा अब लगभग खत्म हो गया है। यह किसानों के लिए राहत की बात है। हालांकि बढ़ते तापमान के साथ सिंचाई प्रबंधन पर ध्यान देना जरूरी होगा।
किसानों के लिए क्या संकेत?
रबी फसलों के लिए फरवरी का महीना निर्णायक होता है। गेहूं, चना, सरसों और अन्य फसलें इस समय बढ़वार या पकने की अवस्था में होती हैं। जिन क्षेत्रों में हल्की वर्षा होगी, वहां मिट्टी की नमी बढ़ेगी, जिससे फसलों को लाभ मिल सकता है।
हालांकि यदि वर्षा के साथ तेज हवा या ओलावृष्टि होती है, तो नुकसान की आशंका भी रहती है। जिन इलाकों में कटाई की शुरुआत हो चुकी है, वहां बारिश अस्थायी परेशानी खड़ी कर सकती है। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे मौसम पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए कृषि कार्यों की योजना बनाएं।
आम नागरिकों के लिए सावधानियां
गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े रहने से बचें। यात्रा से पहले स्थानीय मौसम अपडेट जरूर देखें। जहां तापमान बढ़ रहा है, वहां दोपहर के समय धूप से बचाव के उपाय करें और पर्याप्त पानी पिएं।
बच्चों और बुजुर्गों को बदलते मौसम में विशेष सावधानी की जरूरत होती है। अचानक तापमान में गिरावट या बढ़ोतरी से स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है।
आगे क्या होगा?
25 फरवरी के बाद यह वर्षा प्रणाली कमजोर पड़ सकती है और मौसम धीरे-धीरे सामान्य हो सकता है। मार्च की शुरुआत में एक नई पश्चिमी विक्षोभ प्रणाली सक्रिय होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता, लेकिन फिलहाल उसके स्पष्ट संकेत उपलब्ध नहीं हैं।
फरवरी के अंत में इस प्रकार का मौसमी बदलाव सामान्य माना जाता है। यह समय सर्दी से गर्मी की ओर संक्रमण का होता है, इसलिए क्षेत्रवार मौसम में भिन्नता देखी जाती है।
निष्कर्ष
23 से 25 फरवरी के बीच पूर्वी और मध्य भारत के कई राज्यों में हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना है, जबकि उत्तर और पश्चिम भारत में मौसम शुष्क और अपेक्षाकृत गर्म रहेगा। यह बदलाव वायुमंडलीय परिस्थितियों और नमी के प्रभाव के कारण हो रहा है। भारी वर्षा की संभावना कम है, लेकिन स्थानीय स्तर पर गरज-चमक और तापमान में बदलाव महसूस किया जा सकता है।
किसानों, यात्रियों और आम नागरिकों को सलाह है कि वे ताजा मौसम अपडेट पर नजर रखें और आवश्यक सावधानियां अपनाएं। आने वाले दिनों में मार्च की शुरुआत के साथ मौसम एक बार फिर नया रूप ले सकता है।









