भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने एक नया वेदर अपडेट जारी किया है, जिसके अनुसार पूरे भारत में मौसम का मिज़ाज एक बार फिर तेजी से बदलने वाला है। दक्षिण भारत में भारी बारिश, उत्तरी भारत में शीतलहर और पहाड़ी राज्यों में हल्की बर्फबारी का अंदेशा है। 18 से 22 नवंबर के बीच बनने वाले इस नए सिस्टम का असर देश के लगभग 15 राज्यों पर पड़ने वाला है। विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र (Low Pressure Area) इस बदलाव की मुख्य वजह है। इसके चलते कुछ जगहों पर आंधी, गरज, बिजली गिरना और हवा की गति 50–60 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है।
दक्षिण भारत में भारी बारिश का खतरा और तेज हवाओं की चेतावनी
तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में 18–22 नवंबर के बीच लगातार बारिश दर्ज की जा सकती है। IMD ने भविष्यवाणी की है कि चेन्नई, मदुरै, कन्याकुमारी और तिरुनेलवेली जैसे जिलों में 100–120 mm तक भारी बारिश की संभावना है। इसके अलावा तेज हवाओं का प्रभाव इतना बढ़ सकता है कि पेड़ों के गिरने, समुद्र में ऊंची लहरें उठने और ट्रैफिक पर असर पड़ने की संभावना है। मौसम विभाग ने नागरिकों से यात्रा के दौरान सावधानी बरतने और जरूरत न हो तो घरों में रहने की सलाह दी है।

पूर्वी तटीय राज्यों में भी अलर्ट — समुद्र में उठेंगी ऊंची लहरें
अंडमान-निकोबार, लक्षद्वीप, माहे और यनम में 19 से 22 नवंबर के बीच लगातार बादल छाए रहेंगे और कई इलाकों में भारी बारिश के साथ गरज-चमक देखने को मिलेगी। इस दौरान समुद्र में 3–4 मीटर तक ऊंची लहरें उठ सकती हैं, जिसके चलते मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त चेतावनी दी गई है। इन क्षेत्रों में बिजली गिरने की संभावना भी अधिक है, इसलिए लोगों को खुले स्थानों से बचने की सलाह दी गई है।
उत्तर भारत में ठंड बढ़ेगी, सुबह-शाम कोहरा बढ़ने का अनुमान
दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान में 3–5°C तक गिरावट देखी जा सकती है। IMD के अनुसार सुबह और रात के समय कोहरा घना हो सकता है, जिससे दृश्यता 150–200 मीटर तक कम हो सकती है। इसके कारण सड़क और रेल यातायात पर सबसे अधिक असर पड़ने की संभावना है। वहीं दिन के समय हल्की धूप निकलेगी, लेकिन हवा की गति कम होने से ठंडक ज्यादा महसूस होगी।

पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी की दस्तक — पर्यटकों के लिए चेतावनी
जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के ऊपरी इलाकों में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय होने वाला है। इसके चलते पहाड़ों पर बर्फबारी और निचले इलाकों में हल्की बारिश के आसार हैं। तापमान 0 से 5°C तक गिर सकता है। मनाली, बद्रीनाथ, केदारनाथ, गुलमर्ग और सोनमर्ग में अगले कुछ दिनों में बर्फ की पतली परत जमने की संभावना है। प्रशासन ने पर्यटकों को रात में यात्रा न करने और पहाड़ी रास्तों पर फिसलन से बचने की सलाह दी है।

⚠️ किन राज्यों में सबसे ज्यादा असर दिखेगा?
इस वेदर सिस्टम का असर दक्षिण से उत्तर तक फैले कई राज्यों में देखने को मिलेगा। बारिश, कोहरा, तेज हवाएं और बिजली गिरने जैसी घटनाएं बढ़ सकती हैं। किसानों को विशेष सलाह दी गई है कि वे फसल की कटाई और भंडारण में सावधानी बरतें क्योंकि अचानक बारिश से नुकसान हो सकता है।
- तमिलनाडु – भारी बारिश और बिजली गिरने की संभावना
- केरल – लगातार बारिश + तेज हवाओं का अलर्ट
- कर्नाटक – तटीय इलाकों में समुद्री लहरों का खतरा
- आंध्र प्रदेश – 5 दिनों तक मध्यम से भारी बारिश
- अंडमान-निकोबार – तेज बारिश + 50 किमी/घंटा की हवाएं
- लक्षद्वीप – समुद्र में ऊंची लहरें
- दिल्ली-एनसीआर – शीतलहर और घना कोहरा
- राजस्थान – तापमान में 4°C तक गिरावट
- उत्तराखंड, हिमाचल, कश्मीर – बर्फबारी के संकेत
🧭 FAQs – मौसम अलर्ट से जुड़े सवाल
भारत में भारी बारिश कब तक जारी रहेगी?
IMD के अनुसार 18 से 22 नवंबर के बीच दक्षिण और तटीय क्षेत्रों में लगातार भारी बारिश जारी रह सकती है।
किन राज्यों में सबसे ज्यादा बारिश होने वाली है?
तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक तटीय क्षेत्र, अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप सबसे प्रभावित रहेंगे।
उत्तर भारत का मौसम कैसा रहेगा?
यहां शीतलहर चलेगी, तापमान गिरेगा और सुबह-शाम घना कोहरा छाएगा जिससे दृश्यता कम होगी।
क्या पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी होगी?
हाँ, उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर के ऊपरी इलाकों में हल्की से मध्यम बर्फबारी का अनुमान है।
मछुआरों के लिए क्या चेतावनी है?
बंगाल की खाड़ी और अरब सागर क्षेत्र में तेज हवाओं और ऊंची लहरों के कारण मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।









