पंजाब में पिछले कई दिनों से मौसम साफ बना हुआ था और दिन का तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज किया जा रहा था। फरवरी के मध्य में जहां आमतौर पर हल्की ठंड बनी रहती है, वहीं इस बार कई जिलों में दिन के समय गर्माहट महसूस की गई। लेकिन अब मौसम का यह सिलसिला बदलने वाला है। मौसम विभाग के ताज़ा पूर्वानुमान के अनुसार 17 और 18 फरवरी को राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादल छाने और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की वजह से देखा जा रहा है, जो उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम को प्रभावित करता है।
पिछले सप्ताह के आंकड़ों पर नजर डालें तो पंजाब के कई जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया। बठिंडा, रूपनगर, फिरोजपुर, लुधियाना, पटियाला और अमृतसर जैसे जिलों में दिन का तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा, जो फरवरी के औसत से ज्यादा है। रात के तापमान में भी हल्की बढ़ोतरी देखी गई। इस लगातार गर्माहट की वजह से दिन में हल्की गर्मी और सुबह-शाम सामान्य ठंड का मिश्रित मौसम बना रहा। हालांकि अब आने वाले दो दिनों में यह स्थिति बदल सकती है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ एक ऐसी प्रणाली है जो भूमध्यसागर क्षेत्र से उत्पन्न होकर उत्तर भारत तक पहुंचती है और अपने साथ नमी लेकर आती है। जब यह प्रणाली सक्रिय होती है तो पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों में बादल, बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि भी हो सकती है। इस बार भी यही स्थिति बनने की संभावना जताई जा रही है। 17 और 18 फरवरी को आसमान में घने बादल छा सकते हैं और कई जिलों में बूंदाबांदी या हल्की वर्षा हो सकती है।

बारिश के इस संभावित दौर का सीधा असर तापमान पर भी पड़ेगा। जहां पिछले दिनों दिन का तापमान 25 से 26 डिग्री तक पहुंच गया था, वहीं बारिश के बाद इसमें 2 से 3 डिग्री की गिरावट आ सकती है। इससे मौसम फिर से सुहावना हो जाएगा और हल्की ठंड लौट सकती है। सुबह और रात के समय ठंड बढ़ने की संभावना है, खासकर खुले इलाकों और ग्रामीण क्षेत्रों में।
खेती के लिहाज से यह मौसम बदलाव महत्वपूर्ण है। पंजाब एक प्रमुख कृषि राज्य है और फरवरी के महीने में गेहूं और सरसों जैसी फसलें बढ़वार के चरण में होती हैं। हल्की बारिश फसलों के लिए फायदेमंद हो सकती है क्योंकि इससे मिट्टी में नमी बढ़ती है। हालांकि अगर बारिश ज्यादा होती है या तेज हवा चलती है तो कुछ क्षेत्रों में नुकसान भी हो सकता है। इसलिए किसानों को सलाह दी जाती है कि वे मौसम अपडेट पर नजर रखें और खेतों में जरूरी सावधानी बरतें।
शहरी क्षेत्रों में भी मौसम परिवर्तन का असर देखने को मिल सकता है। लगातार साफ मौसम के बाद अचानक बादल और बारिश से ट्रैफिक की रफ्तार धीमी हो सकती है। सुबह और शाम के समय दृश्यता में कमी आ सकती है। स्कूल और ऑफिस जाने वाले लोगों को 17 और 18 फरवरी को घर से निकलने से पहले मौसम की ताज़ा जानकारी जरूर देखनी चाहिए। खासकर दोपहिया वाहन चालकों को फिसलन से सावधान रहना चाहिए।
स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से भी यह मौसम बदलाव महत्वपूर्ण है। दिन में हल्की गर्मी और रात में ठंड का अंतर शरीर पर असर डाल सकता है। ऐसे समय में सर्दी-जुकाम, वायरल बुखार और गले की समस्या बढ़ने की आशंका रहती है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। पर्याप्त गर्म कपड़े पहनना और बदलते मौसम में खानपान का ध्यान रखना जरूरी है।
विशेषज्ञों के अनुसार फरवरी का महीना मौसम के लिहाज से संक्रमण काल होता है, जब सर्दी से गर्मी की ओर बदलाव शुरू होता है। ऐसे समय में पश्चिमी विक्षोभ की गतिविधियां सामान्य हैं। हालांकि हर सिस्टम की तीव्रता अलग होती है। इस बार जो प्रणाली सक्रिय हो रही है, वह हल्की से मध्यम बारिश ला सकती है, लेकिन किसी बड़े तूफान या भारी वर्षा की संभावना फिलहाल नहीं जताई गई है। फिर भी अंतिम पूर्वानुमान के लिए आधिकारिक अपडेट पर भरोसा करना जरूरी है।
पंजाब के अलग-अलग जिलों में बारिश की तीव्रता अलग हो सकती है। कुछ क्षेत्रों में केवल बादल और हल्की बूंदाबांदी होगी, जबकि कुछ जिलों में थोड़ी अधिक वर्षा दर्ज की जा सकती है। पहाड़ी क्षेत्रों के पास स्थित इलाकों में मौसम का असर ज्यादा दिखाई दे सकता है। मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर एडवाइजरी जारी की जाएगी।
लंबी अवधि के पूर्वानुमान की बात करें तो फरवरी के अंतिम सप्ताह में मौसम फिर से स्थिर हो सकता है। यदि यह पश्चिमी विक्षोभ गुजर जाता है तो कुछ दिनों तक आसमान साफ रहने की संभावना है। हालांकि मार्च के शुरुआती दिनों में फिर से हल्के बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। जलवायु परिवर्तन के चलते पिछले कुछ वर्षों में मौसम पैटर्न में अनियमितता देखी गई है, इसलिए अचानक बदलाव अब सामान्य हो गए हैं।
अगर आप पंजाब में रहते हैं या यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो 17 और 18 फरवरी के लिए मौसम की तैयारी रखना बेहतर होगा। छाता या रेनकोट साथ रखना उपयोगी साबित हो सकता है। किसानों, व्यापारियों और छात्रों के लिए यह सलाह दी जाती है कि वे स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग के आधिकारिक बुलेटिन पर ध्यान दें।
कुल मिलाकर, पंजाब में कई दिनों की साफ और अपेक्षाकृत गर्म स्थिति के बाद अब मौसम में बदलाव के संकेत हैं। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण 17 और 18 फरवरी को बादल और बारिश की संभावना बन रही है। यह बदलाव जहां एक ओर तापमान में गिरावट लाएगा, वहीं फसलों और पर्यावरण के लिए ताजगी भी ला सकता है। आने वाले दो दिन राज्य के मौसम के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेंगे, इसलिए ताज़ा अपडेट पर नजर बनाए रखना ही समझदारी है।






