भारत के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। फरवरी के मध्य में जहां कई राज्यों में दिन का तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया जा रहा था और हल्की गर्माहट महसूस हो रही थी, वहीं अब मौसम वैज्ञानिकों ने आने वाले दिनों के लिए बारिश और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की संभावना जताई है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने और बंगाल की खाड़ी के ऊपर बन रहे चक्रवाती परिसंचरण के कारण उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के मौसम में अस्थिरता बढ़ सकती है। यह अपडेट किसानों, यात्रियों और आम नागरिकों सभी के लिए महत्वपूर्ण है।
राजस्थान के कई जिलों में rain alart
मौसम विभाग के ताज़ा विश्लेषण के अनुसार 16 फरवरी तक देश के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क बना रहेगा, लेकिन 17 फरवरी से उत्तर-पश्चिम भारत में बदलाव शुरू हो सकता है। राजस्थान के कई जिलों—विशेषकर जयपुर, अलवर, चूरू और अजमेर के आसपास—दोपहर बाद बादल छाने और हल्की बारिश की संभावना है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ ओले भी गिर सकते हैं। यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से होगा, जो हिमालयी क्षेत्रों से होकर मैदानी इलाकों तक असर डालता है।

18 फरवरी को बारिश का दायरा और बढ़ सकता है। राजस्थान के उत्तरी और पूर्वी जिलों—जैसे श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, झुंझुनू, कोटा, बूंदी और सवाई माधोपुर—में हल्की से मध्यम वर्षा और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। इसका असर मध्य प्रदेश के ग्वालियर, शिवपुरी, मंदसौर और नीमच क्षेत्रों तक पहुंच सकता है। उत्तर प्रदेश के आगरा और अलीगढ़ संभाग में भी बादल छाने और छिटपुट बारिश हो सकती है। हरियाणा और पंजाब के दक्षिणी सीमावर्ती जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना है, जबकि उत्तरी पंजाब और तराई क्षेत्र अपेक्षाकृत शुष्क रह सकते हैं।
heavy rain alart कहां पर है?
दूसरी ओर, बंगाल की खाड़ी के पास बना चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र दक्षिण भारत और निकोबार द्वीप समूह पर असर डाल सकता है। यदि यह निम्न दबाव में परिवर्तित होता है तो दक्षिणी राज्यों में वर्षा की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। फिलहाल दक्षिण भारत के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से थोड़ा अधिक उमस और गर्माहट दर्ज की जा रही है।
Rain alart किस फसल के लिए?
तापमान के संदर्भ में देखा जाए तो बारिश के साथ दिन के तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट संभव है। रात के समय हल्की ठंड फिर से लौट सकती है, विशेषकर उन इलाकों में जहां बादल छाए रहेंगे। इससे गेहूं, सरसों और चने जैसी रबी फसलों पर सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह का प्रभाव पड़ सकता है। हल्की वर्षा फसलों के लिए फायदेमंद मानी जाती है, लेकिन ओलावृष्टि की स्थिति में नुकसान की आशंका रहती है। इसलिए किसानों को सलाह दी जाती है कि वे स्थानीय मौसम अपडेट पर लगातार नजर रखें और आवश्यकता होने पर फसल सुरक्षा उपाय अपनाएं।
Rain alart से प्रभावित
शहरी इलाकों में बारिश के दौरान ट्रैफिक प्रभावित हो सकता है। सड़कों पर फिसलन बढ़ सकती है और दृश्यता कम हो सकती है। दोपहिया वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। स्वास्थ्य की दृष्टि से भी मौसम परिवर्तन महत्वपूर्ण है, क्योंकि तापमान में उतार-चढ़ाव से सर्दी-जुकाम और वायरल संक्रमण के मामले बढ़ सकते हैं।
मौसम में बदलाव?
यह मौसम प्रणाली अल्पकालिक है, लेकिन 48 से 72 घंटों के दौरान इसका प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि फरवरी के अंत तक तापमान धीरे-धीरे फिर से बढ़ने लगेगा, जिससे वसंत की शुरुआत का संकेत मिलेगा। हालांकि, फिलहाल आने वाले दो दिन कई राज्यों के लिए अहम हैं।
Rain alart कहां कहां?
यदि आप राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश या पश्चिमी उत्तर प्रदेश में रहते हैं, तो यह अपडेट आपके लिए बेहद जरूरी है। मौसम में अचानक बदलाव यात्रा, खेती और दैनिक जीवन को प्रभावित कर सकता है। नियमित रूप से विश्वसनीय स्रोतों से मौसम संबंधी जानकारी लेते रहें और अनावश्यक अफवाहों से बचें।
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