आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट: इन राज्यों में बदलेगा मौसम, जानें पूरा अपडेट फरवरी के अंतिम दिनों में देश के मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। पिछले कुछ दिनों से उत्तर भारत के कई हिस्सों में मार्च जैसी गर्मी महसूस की जा रही थी, लेकिन अब मौसम विभाग ने आंधी, बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। अगले 24 से 48 घंटे कई राज्यों के लिए महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर ओले गिरने की भी संभावना जताई गई है। ऐसे में आम लोगों, किसानों और यात्रियों के लिए यह अपडेट बेहद जरूरी है।
क्यों बदल रहा है मौसम?
मौसम में इस बदलाव की मुख्य वजह पश्चिमी विक्षोभ को माना जा रहा है। पश्चिमी विक्षोभ एक ऐसी मौसमी प्रणाली है जो भूमध्य सागर क्षेत्र से नमी लेकर उत्तर-पश्चिम भारत में प्रवेश करती है। इसके सक्रिय होने पर बादल, बारिश और तेज हवाओं की स्थिति बनती है।
फरवरी के अंतिम सप्ताह में जब दिन का तापमान बढ़ने लगता है और ऊपरी स्तर पर ठंडी हवाएं मौजूद रहती हैं, तो वातावरण में अस्थिरता पैदा होती है। यही अस्थिरता आंधी और गरज-चमक का कारण बनती है।
किन राज्यों में ज्यादा असर पड़ेगा?
पंजाब और हरियाणा
इन राज्यों में दोपहर या शाम के समय बादल छा सकते हैं। तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। कुछ जिलों में ओलावृष्टि भी हो सकती है।
दिल्ली-NCR
दिल्ली और आसपास के इलाकों में मौसम तेजी से बदल सकता है। दोपहर बाद गरज-चमक के साथ हल्की बारिश संभव है। तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट दर्ज की जा सकती है।
राजस्थान
पूर्वी और उत्तरी राजस्थान के कुछ हिस्सों में आंधी और हल्की बारिश की संभावना है। पश्चिमी जिलों में तेज हवाएं चल सकती हैं।
उत्तर प्रदेश
पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश में बादल छाने और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है।
मध्य प्रदेश
उत्तरी और पश्चिमी जिलों में हल्की वर्षा और तेज हवाओं का असर देखा जा सकता है।
क्या ओलावृष्टि की संभावना है?
मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि कुछ स्थानों पर ओले गिर सकते हैं। हालांकि व्यापक स्तर पर भारी ओलावृष्टि की संभावना कम है, लेकिन स्थानीय स्तर पर नुकसान संभव है।
ओलावृष्टि आमतौर पर तब होती है जब बादलों के भीतर ऊपर-नीचे की हवाओं की गति तेज होती है। इससे पानी की बूंदें जमकर बर्फ के छोटे टुकड़ों में बदल जाती हैं और जमीन पर गिरती हैं।
तापमान पर क्या असर पड़ेगा?
पिछले सप्ताह कई शहरों में तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री अधिक दर्ज किया गया था।
अब:
- अधिकतम तापमान 2 से 4 डिग्री तक गिर सकता है
- रात का तापमान हल्का बढ़ सकता है
- आर्द्रता बढ़ने से उमस महसूस हो सकती है
यह राहत अस्थायी हो सकती है, क्योंकि मार्च की शुरुआत में फिर तापमान बढ़ने के संकेत हैं।
किसानों के लिए क्या जरूरी है?
यह समय रबी फसलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। गेहूं, सरसों, चना और अन्य फसलें खेतों में खड़ी हैं।
संभावित असर:
✔ हल्की बारिश से मिट्टी में नमी बढ़ेगी
✔ तेज हवा से फसल झुक सकती है
✔ ओलावृष्टि से नुकसान संभव
किसानों को सलाह है:
- खेतों में जल निकासी की व्यवस्था रखें
- मौसम अपडेट नियमित देखें
- कटाई की तैयारी मौसम साफ होने पर करें
आम लोगों के लिए सावधानियां
- गरज-चमक के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े न हों
- बिजली गिरने की स्थिति में खुले मैदान से दूर रहें
- वाहन चलाते समय गति नियंत्रित रखें
- मौसम बदलते ही बच्चों और बुजुर्गों का ध्यान रखें
दिल्ली-NCR का विस्तृत अपडेट
दिल्ली में 25 फरवरी को:
- अधिकतम तापमान 28–30°C
- न्यूनतम तापमान 13–15°C
- दोपहर बाद बादल छा सकते हैं
- हल्की बारिश संभव
हवा की गति 15–25 किमी प्रति घंटा तक जा सकती है।
अगले 3 दिनों का पूर्वानुमान
दिन 1:आंधी और हल्की बारिश
दिन 2:कुछ स्थानों पर बादल, मौसम सामान्य
दिन 3: तापमान फिर बढ़ना शुरू
क्या यह गर्मी की शुरुआत है?
फरवरी के अंत में इस तरह के उतार-चढ़ाव सामान्य माने जाते हैं। हालांकि इस बार तापमान अपेक्षा से थोड़ा अधिक रहा है। मार्च की शुरुआत में:
- तापमान 32–34°C तक जा सकता है
- हीटवेव जैसी स्थिति अभी नहीं
विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार यह प्रणाली बहुत लंबी नहीं चलेगी। 1–2 दिन बाद मौसम सामान्य हो सकता है।
हालांकि जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम के पैटर्न में अनियमितता बढ़ रही है।
निष्कर्ष
आज और कल यानी 25 फरवरी तक कई राज्यों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है। यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हो रहा है।
किसानों, यात्रियों और आम नागरिकों को सतर्क रहने की जरूरत है। नियमित मौसम अपडेट देखते रहें और आवश्यक सावधानियां अपनाएं।
मौसम का यह बदलाव अस्थायी है, लेकिन स्थानीय स्तर पर इसका असर महसूस किया जाएगा।









