Weather update: उत्तर भारत के मौसम में एक बार फिर बड़ा उलटफेर होने जा रहा है। एक नए और शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण 01 फरवरी से कई राज्यों में मौसम के तेवर कड़े होने वाले हैं। मौसम विभाग ने भारी बारिश के साथ-साथ ओलावृष्टि की भी संभावना जताई है।
⚠️ मुख्य चेतावनी: पाकिस्तान और पंजाब के रास्ते आ रहे बादलों के कारण हरियाणा, दिल्ली-NCR, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक गलन और ठिठुरन काफी बढ़ जाएगी।
इन 5 राज्यों पर मंडरा रहा है खतरा
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 01 फरवरी से इन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा:
- पंजाब और हरियाणा: तेज गरज के साथ बारिश और कई जगहों पर ओलावृष्टि (Hailstorm)।
- दिल्ली-NCR: ठंडी हवाओं के साथ मध्यम बारिश और गलन बढ़ेगी।
- राजस्थान: उत्तरी और पश्चिमी इलाकों में छिटपुट बारिश के आसार।
- पश्चिमी उत्तर प्रदेश: आसमान में बादलों का डेरा रहेगा और तेज बौछारें पड़ सकती हैं।
किसानों के लिए विशेष सावधानी (Krishi Salah)
गेहूं, सरसों और चना जैसी फसलों के लिए यह समय बहुत संवेदनशील है। ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश से नुकसान से बचने के लिए किसान ये कदम उठाएं:
- छिड़काव तुरंत रोक दें: कीटनाशक (Pesticides) या किसी भी प्रकार की खाद का स्प्रे अभी न करें। बारिश की वजह से दवा बह सकती है।
- खेतों में पानी न लगाएं: अगर आपके इलाके में बादल छाए हैं, तो सिंचाई (Irrigation) रोक दें। अधिक पानी और हवा से फसल गिर सकती है।
- फसल की निगरानी: ओलावृष्टि की स्थिति में जल निकासी का उचित प्रबंध रखें ताकि खेतों में पानी जमा न हो।
मौसम का हाल: एक नज़र में
| समय सीमा | अनुमानित मौसम | प्रभावित क्षेत्र |
|---|---|---|
| 01 फरवरी | भारी बारिश और ओलावृष्टि का प्रारंभ | पंजाब, हरियाणा, उत्तरी राजस्थान |
| 02-03 फरवरी | तेज हवाएं और लगातार गलन | दिल्ली-NCR, पश्चिमी यूपी |
निष्कर्ष
आने वाले दिन उत्तर भारत के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं। तापमान में अचानक आई इस गिरावट से न केवल आम जनजीवन प्रभावित होगा, बल्कि कृषि कार्यों पर भी असर पड़ेगा। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी बड़े कृषि कार्य से पहले स्थानीय मौसम पूर्वानुमान को जरूर देखें।










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